जब दिल मेरा मरा

किसे पता चला जब दिल मेरा मरा
वोही रोता है यार कोई जिसका मरा
उसकी क्या दवा होती के जो शख्स
अपनों के दिए ज़ख्मों का मारा मरा
जिंदगी की हाय तोबा से क्या मिला
ढाई इंची खबर हो के नामवाला मरा
मंदिर मस्जिद ना गये फिर वो लोग
जिनका भगवान् झूठा हुआ खुदा मरा
नये दोर का इश्क बिस्तरों पे सिमटा
हुस्न भी बालों की सफ़ेदी में जा मरा
खुद बिक कर लोग खुशी खरीद लाये
ईमान का हर धनी बेचारा भूखा मरा
झोपड़ी रोटी के टुकड़े ढूढने निकली थी
भूखा बच्चा फुथपाथ पर बेदवा मारा
नाकाम नाकारा निखट्टू ओ रे आलम
दुनिया मर गयी कमबख्त तू ना मरा

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